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शिवलिंग पर जल चढ़ाने से क्रोध, अहंकार और नकारात्मक भावों को त्यागने की प्रेरणा मिलती
- दैनिक लोक भारती
- 28 Jul, 2026
सावन मास के प्रथम सोमवार को स्थानीय लोगों ने जलाभिषेक किया
इकौना-श्रावस्ती। बनी नाथ शिव मंदिर श्रावस्ती में सोमवार को स्थानीय लोगों ने जलाभिषेक किया मान्यता है कि इस माह में जलाभिषेक करने से व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। सावन मास में भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत पुण्यदायी और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है।
इस समय श्रद्धा, भक्ति और पवित्र भाव से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। जलाभिषेक मन, वचन और कर्म की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।यह भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, समर्पण और भक्ति का भाव प्रकट करता है।धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मानसिक संतोष की प्राप्ति होती है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने से क्रोध, अहंकार और नकारात्मक भावों को त्यागने की प्रेरणा मिलती है।सावन के सोमवार को किया गया जलाभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
पंडित अनोखी लाल पाठक ने बताया कि यह मंदिर पांडव कालीन मंदिर है पांडवों ने इसका निर्माण कराया थाl जो भी लोग यहां मनोयोग से जलाभिषेक करते हैं, उनकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती हैl यहां पर स्थानीय लोगों अपने मुंडन संस्कार आदि कराए जाते हैं तथा कजली तीज व महाशिवरात्रि को विशेष रूप से मेले का आयोजन होता हैl इस अवसर पर मदन यादव, देव कुमार पाठक, मंदिर पुजारी भोला बाबा, जानकी प्रसाद वर्मा आदि भक्ति गण मौजूद रहेl
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