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कागजी आख्या पर सिमटी पुलिस की कार्रवाई,संग्रामगढ़ में चकमार्ग अब भी अवरुद्ध।

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संग्रामगढ़-प्रतापगढ़। तहसील कुंडा के अंतर्गत ग्राम सभा संग्रामगढ़ परगना बिहार स्थित गाटा संख्या 1418 में दर्ज सार्वजनिक चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने का मामला गर्माता जा रहा है। राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को ग्रामीणों ने केवल कागजी खानापूरी करार दिया है।

मामले में आईजीआरएस निस्तारण की आख्या में 21 अगस्त 2026 को दावा किया गया था कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके से ईंट तथा टीनशेड हटवा दिए हैं। हालांकि, धरातल पर वास्तविक स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ ईंट व टीनशेड का एक हिस्सा हटा देने से रास्ता आवागमन योग्य नहीं हुआ हैय चकमार्ग पर अब भी निर्माण सामग्री, मोरंग और मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं।

लगभग 8 फीट 3 इंच चौड़े इस सरकारी रास्ते से करीब 7.6 फीट चौड़ा ट्रैक्टर भी सुचारू रूप से नहीं निकल पा रहा है। इसके अलावा, लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे के कारण रास्ता कूड़ाघर में तब्दील हो गया है, जिससे किसानों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी आख्या के विपरीत जमीनी हकीकत को देखते हुए आईजीआरएस निस्तारण की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर किसी सक्षम वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से मौके की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने, चकमार्ग की अभिलेखीय सीमा के अनुसार वीडियोग्राफी के साथ पूरी पैमाइश कराने तथा रास्ते को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने जोर दिया है कि सार्वजनिक हित से जुड़े इस चकमार्ग को केवल कागजों में ही नहीं, बल्कि धरातल पर भी सुचारू रूप से बहाल किया जाए।

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