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न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर पेंशनरों का सम्मेलन, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने उठाई 7,500 रुपये मासिक पेंशन, डीए और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग

राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज, चुनाव से पहले घोषणा कराने की मांग

रोहित अवस्थी

औरैया। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की ओर से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर औरैया के एक गेस्ट हाउस में पेंशनरों का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और विभागों से बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर लंबे समय से पेंशनरों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।

कार्यक्रम में पहुंचने वाले पेंशनरों का अशोक यादव ने फूलमालाओं से स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने पेंशनरों की आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

7,500 रुपये पेंशन, डीए और मुफ्त इलाज की मांग

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि पेंशनरों की मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन अपना आंदोलन तेज करेगा।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पेंशनरों की मांगों के संबंध में घोषणा कराने की मांग की।

राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि वृद्ध पेंशनरों को कम से कम 7,500 रुपये मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता (डीए) और मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि इन सुविधाओं से पेंशनर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकेंगे।

प्रांतीय अध्यक्ष ओम शंकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर सभाएं आयोजित कर आंदोलन को और गति दी जाएगी।

मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का संकल्प

सम्मेलन को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केएस तिवारी, राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर, राष्ट्रीय सलाहकार आरएस नागर, उत्तर भारत के मुख्य समन्वयक सुरेश डंगवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बीएस नारखेडे, महिला मोर्चे की राष्ट्रीय सचिव सरिता नारखेडे और प्रांतीय महामंत्री आरएन द्विवेदी समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

इसके अलावा जय रूप सिंह परिहार, सुभाष चौबे, अभिनंदन पांडे, पीसी मिश्रा, अशोक यादव, दिलीप पांडे, दिनेश कुशवाह, अशोक बाजपेई, चंद्रशेखर पाठक, अश्विनी पांडेय, आरपी त्यागी, अनिल सक्सेना, रामफेर उपाध्याय, राजेश तोमर, बीएस रावत, इंतजार अहमद, सुरेंद्र शर्मा, गीता वर्मा, सुनीता सोनकर, रघुनन्दन सिंह, नासिर खान, दीन मोहम्मद, गणेशी लाल, जय सिंह सचान, अवधेश सक्सेना, उस्मान खान, शकील अहमद और अमित यादव सहित अन्य लोगों ने भी विचार रखे।

वक्ताओं ने केंद्र सरकार की कथित टालमटोल की नीति की आलोचना करते हुए पेंशनरों की मांगों के समर्थन में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।

नवाबगंज हादसे पर जताया दुख

सम्मेलन के दौरान बस्ती से बस के जरिए कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे पेंशनरों के नवाबगंज में दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर भी शोक व्यक्त किया गया। हादसे में बस चालक की मृत्यु पर पेंशनरों ने गहरा दुख जताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि पेंशनरों की मांगों को लेकर संगठन आगे भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखेगा।

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https://youtu.be/8ggnZDj11N8

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