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ई वीएम व वीवीपैट की एफएलसी के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक सम्पन्न

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विश्व मोहन बाजपेई

शाहजहांपुर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत ईवीएम व वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा ईवीएम व वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों से राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाएंगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग की अपेक्षा की।


जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी राजनैतिक दलों के पदाधिकारी जारी पहचान-पत्र के साथ मेटल डिटेक्टर के माध्यम से फ्रिस्किंग के बाद की हॉल में प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रवेश के समय सभी की समुचित तलाशी ली जाएगी तथा प्रवेश और निकास का विवरण रजिस्टर  में दर्ज किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। इन्हें हॉल के बाहर हेल्प डेस्क पर जमा कराया जाएगा। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार केवल नामित निर्वाचन अधिकारियों तथा अधिकृत बीईएल/ईसीआईएल इंजीनियरों को निर्धारित कार्य के लिए मोबाइल रखने की अनुमति होगी। एफएलसी का कार्य 2 सितंबर से लगभग 20 सितंबर तक अवकाश के दिनों में भी लगातार चलेगा।

सुरक्षा बल की न्यूनतम एक सेक्शन द्वारा 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी तथा पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।

  एफएलसी प्रक्रिया को देखने के लिए उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज कराई जाएगी तथा प्रतिदिन इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी।

एफएलसी पूर्ण होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मॉक पोल कराया जाएगा। मॉक पोल के परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। मॉक पोल के लिए रैंडम आधार पर मशीनों का चयन किया जाएगा। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को मॉक पोल देखने के साथ ही इच्छानुसार स्वयं मॉक पोल करने की अनुमति होगी। मॉक पोल के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर निर्धारित रजिस्टर में लिए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिलाधिकारी निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र एवं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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