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पं. बशिष्ठ शुक्ल की स्मृति में छलकी श्रद्धा, सेवा और संस्कारों की दिखी विरासत

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समर फिल्ड पब्लिक स्कूल मे आयोजित पाचवी स्मृति दिवस

कुशीनगर । कुछ लोग चले जाते हैं, लेकिन उनके विचार, संस्कार और दूसरों के जीवन को संवारने की कोशिशें उन्हें हमेशा जीवित रखती हैं। स्व. पं. बशिष्ठ शुक्ल भी ऐसी ही शख्सियत थे। संघर्षों से भरी जिंदगी में परिवार को एक सूत्र में बांधे रखा, रिश्तों की जिम्मेदारियां निभाईं और शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत मानकर नई पीढ़ी को संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित स्मृति समारोह में जब उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया तो माहौल श्रद्धा, संवेदना और प्रेरणा से भर उठा। खास बात यह रही कि उनकी स्मृति में सिर्फ श्रद्धासुमन ही नहीं चढ़े, बल्कि विद्यार्थियों एंव उत्कृष्ट कार्य करने वाले को सम्मानित कर शिक्षा की उस मशाल को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया, जिसे पं. शुक्ल जीवनभर जलाते रहे।

पडरौना क्षेत्र के बलुचहा लखराव मंदिर के समीप स्थित समर फिल्ड पब्लिक स्कूल मे आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके पद या संपत्ति से नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों पर छोड़ी गई उसकी छाप से होती है।


स्व. पं. बशिष्ठ शुक्ल का जीवन त्याग, तपस्या, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने कहा कि आज जब शिक्षा को अक्सर केवल रोजगार से जोड़कर देखा जाता है, तब पं. शुक्ल की सोच हमें याद दिलाती है कि शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। उनकी स्मृति में होने वाले ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने का काम करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अनुपम मिश्र, प्रबंधक मिश्र बंधु महाविद्यालय बेलौही, महाराजगंज ने कहा कि संघर्ष किसी व्यक्ति को कमजोर नहीं करता, बल्कि उसके व्यक्तित्व को गढ़ता है। विशिष्ट अतिथि डाॅ. निरंकार राम त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष शिक्षा शास्त्र एवं महामंत्री गुआक्टा, गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ऐसे नागरिक तैयार करना है जिनमें ज्ञान के साथ संवेदना, अनुशासन और संस्कार भी हों। स्व. पं. बशिष्ठ शुक्ल इसी विचारधारा के वाहक थे।


 कैंसर जागरूकता ने दिया सामाजिक संदेश

कैंसर जागरूकता विषय पर आयोजित निबंध एवं आर्ट्स प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंशिता यादव, अनन्या गौड़, रूही यादव, अंशिका पांडेय, आयुष यादव, कीर्ति पांडेय, अंकुश गुप्ता, शिवम चौहान, रमावती चौहान, अंशिका यादव, कृष्णकांत शुक्ल, काजल प्रजापति, अम्बेश जय दीक्षित, साकेत मिश्रा, तौसीफ आलम, पुष्पा चौहान, राधिका गुप्ता, अवनी उपाध्याय, अंशु यादव, माही मिश्रा, अन्नु यादव, रचित राय, लवली सिंह और आकांक्षा मल्ल सहित अन्य विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा

 विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

 शिक्षा जगत और समाज के गणमान्यों की रही मौजूदगी

समारोह में विद्यालय के वर्तमान संरक्षक बालकुवर दूबे, संस्थापक सदस्य मदनपाल नाथ त्रिपाठी, प्रियेश त्रिपाठी, सौभाग्यवती त्रिपाठी, मीना शुक्ला, सोनी श्रीवास्तव सहित बेलही शुक्ल गांव के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। इसके अलावा डाॅ. सीबी सिंह, मुकेश त्रिपाठी, डाॅ. वीके राय, आनंद कुमार सिंह, राकेश राय, नचिकेता भट्ट, आशुतोष बंका, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश त्रिपाठी, जिला महामंत्री सुरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष माणिक्य चतुर्वेदी, श्रीजन द गुरुकुल के प्रधानाचार्य मनोज जायसवाल समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रधानाचार्य यशपाल कुमार शुक्ल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि अनुप मिश्र ने किया।

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