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जनता की समस्याओं की सुनवाई से लेकर नगर की सफाई व्यवस्था तक, खुद मैदान में उतरकर कर रहीं निगरानी
- दैनिक लोक भारती
- 21 Sep, 2026
सादगी और सेवा की पहचान हैं ईओ अनिता शुक्ला, विकास कार्यों को दे रहीं रफ्तार
ये जीवन है, इस जीवन का यही है,यही है,यही है रंग-रूप ये जीवन है……..
हेमन्त कुमार श्रीवास्तव/ओम मिश्रा
श्रावस्ती। नगर पालिका परिषद भिनगा की अधिशासी अधिकारी अनिता शुक्ला अपनी सादगी, धार्मिक आस्था और कार्यशैली के लिए अलग पहचान बना रही हैं। जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो और किसी फरियादी को कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए वह कार्यालय में मौजूद रहकर लोगों की शिकायतें सुनने के साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देती हैं।अनिता शुक्ला की कार्यशैली में सादगी, पूजा-पाठ और जनसेवा का मेल देखने को मिलता है। सादा जीवन और अनुशासित दिनचर्या के साथ वह नगर पालिका के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। नगर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, साफ-सफाई व्यवस्था को प्रभावी रखने और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर उनका विशेष जोर रहता है।
शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर
नगर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ईओ अनिता शुक्ला स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करती हैं। वह सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की स्थिति को भी देखती हैं। उनका प्रयास है कि नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई बनी रहे और लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो।
विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी
नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी ईओ की नजर रहती है। सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नगर का विकास तभी सार्थक है, जब योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे और लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
फरियादियों की सुनवाई को प्राथमिकता
कार्यालय पहुंचने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुनना भी उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है। नागरिकों की शिकायतों को सुनकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इससे लोगों को अपनीसमस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत न पड़े, इस दिशा में व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।नगर पालिका की जिम्मेदारियों के साथ जनता की सेवा, स्वच्छता और विकास कार्यों की निगरानी को प्राथमिकता देने वाली अनिता शुक्ला की कार्यशैली में सक्रियता और सादगी दोनों नजर आती हैं। नगर के विकास को गति देने के साथ नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।
अधिशाषी अधिकारी फुर्सत के समय
"मेरी दिनचर्या की शुरुआत योग से होती है। इसके बाद पूजा-अर्चना करती हूं और फिर कार्यालय के लिए निकलती हूं।एक वार्ता में अधिशाषी अधिकारी डॉ अनीता शुक्ला ने बताया कि मेरा मानना है कि दिन की शुरुआत सकारात्मक और अनुशासित तरीके से हो तो पूरे दिन काम करने की ऊर्जा बनी रहती है।"
खासकर पुराने गाने मुझे सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं। पुराने गीतों की मधुरता और उनके शब्द मन को बहुत प्रभावित करते हैं। मै खाली रहती हूं तो मन में यही गुनगुनाती हूं ये जीवन है,इस जीवन का यही है,यही है,यही है रंग-रूप ये जीवन है,इस जीवन का यही है,यही है,यही है रंग-रूप,थोड़े गम हैं,थोड़ी खुशियां यही है, यही है छांव-धूप ये जीवन है...और अपने बाकी बचे हुए काम पूरे करना पसंद है। इससे मन को सुकून भी मिलता है और समय का बेहतर उपयोग भी हो जाता है। मुझे सामान्य और सादा भोजन पसंद है। बहुत ज्यादा तामझाम के बजाय घर का सामान्य खाना ही मुझे अच्छा लगता है।खेलों में रुचि है और बैडमिंटन खेलना विशेष रूप से पसंद है। यह मनोरंजन के साथ-साथ शरीर को सक्रिय रखने का अच्छा माध्यम भी है।
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