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शाहजहांपुर में भगवान की तस्वीरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक की मांग, प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन

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सक्षम पदाधिकारियों ने कहा- धार्मिक चित्रों का उपयोग पूजा और श्रद्धा तक सीमित रखने के लिए जारी हों स्पष्ट दिशा-निर्देश

कार्ड, बैग, पैकेजिंग और अन्य वस्तुओं पर देवी-देवताओं की तस्वीरों के इस्तेमाल पर आपत्ति, मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

लोक भारती न्यूज ब्यूरो 

शाहजहांपुर। समदर्शी क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) की ओर से देवी-देवताओं की तस्वीरों के व्यावसायिक और सजावटी इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन विभाग संयोजक नीरज बाजपेई और महानगर संयोजक अजय कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में दिया गया।

धार्मिक चित्रों के इस्तेमाल को लेकर उठाई आपत्ति

नीरज बाजपेई ने कहा कि भगवान की तस्वीरों का उपयोग पूजा और श्रद्धा के लिए होना चाहिए, न कि सजावट या व्यापारिक लाभ के लिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल पूजा स्थल, घर के मंदिर या धार्मिक ग्रंथों तक सीमित रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कार्ड, बैग, डिब्बों, पैकेजिंग, अगरबत्ती, धूपबत्ती, कपूर और अन्य वस्तुओं पर देवी-देवताओं की तस्वीरें प्रकाशित किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ऐसी वस्तुएं इस्तेमाल के बाद जमीन, कूड़े या गंदगी में पहुंच सकती हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की स्थिति बनती है।

संगठन की ओर से धार्मिक चित्रों को ऐसी वस्तुओं पर नहीं लगाने की मांग की गई, जो फर्श, पैरों, धूल या कचरे के संपर्क में आती हैं। ज्ञापन में धार्मिक चित्रों के उपयोग के संबंध में सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।


धार्मिक चित्रों के व्यावसायिक उपयोग पर दिशा-निर्देश की मांग

नीरज बाजपेई ने कहा कि धार्मिक चित्रों का उद्देश्य पूजा, ध्यान और श्रद्धा होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि धार्मिक चित्रों का उपयोग पूजा स्थलों, फ्रेम या डिजिटल वॉलपेपर जैसे माध्यमों तक सीमित रखा जाए। उनका यह भी कहना था कि यदि किसी कार्ड या उपहार पर धार्मिक चित्र मौजूद हो तो उसे बाद में सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा या विसर्जित किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि भारत सरकार इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट व्यवस्था हो सके।

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

सक्षम पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने इसकी जिम्मेदारी सरकार की होने की बात कही।

ज्ञापन देने के दौरान सुशील कुमार, जिला अध्यक्ष योगेंद्र मोहन त्रिपाठी, जिला महामंत्री पंडित बेणु गोपाल त्रिपाठी, नीतू मिश्रा, संगम, राहुल, शिवम, मुनेन्द्र पाल, पूजा पाल, भैया लाल, सरिता, कमला, कश्मीर सिंह एडवोकेट, अजय मिश्रा, मंजू एडवोकेट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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