आज की ताजा खबर

सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारों सावधान रहने की जरूरतःडा. मिश्रा

top-news

जगम्मनपुर (जालौन)। बदलते दौर में पत्रकारिता के दायित्वों में बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्व के समय में जहां समाचार पत्रों के माध्यम से ही शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीणांचल में घटित होने वाली घटनाओं की जानकारियां हो पाती थी। लेकिन अब सोशल मीडिया ऐसा प्लेट फार्म बनकर सामने आया है जिससे चंद मिनट में ही किसी भी घटना की पूरी न सही आधी अधूरी जानकारी हर किसी को मिल जाती है। ऐसे में समाचार पत्रों से जुड़े पत्रकारों को अब सावधानी से कार्य करना चाहिए। उक्त बात ग्रामीणांचल के पत्रकार साथियों ने दो दशक से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े डा. आरके मिश्रा को सम्मानित करते हुये कही।
इस मौके पर पत्रकार लालजी सोनी ने कहा कि जब कोई दबंग व्यक्ति द्वारा आपके अधिकार का हनन करता है तब पत्रकार की ही जरूरत पड़ती है पत्रकार न होते तो राम रहीम, आसाराम बापू जैसे कई अपराधी जेल की सलाखों के अंदर न होते। पत्रकार सोरब कुमार ने कहा जब प्रशासन के किसी कर्मचारी द्वारा आपको परेशान किया जाता है तब आपके पत्रकार ही काम आते है पत्रकारों ने अपनी कलम की विश्वनीयता कायम की है समाचार पत्र अच्छे सुझाव देकर हमेशा देश के विकास को न्यायपूर्ण आयाम देते हैं गरीबों को न्याय दिलाने में पत्रकार की भूमिका है अहम होती है। पत्रकार सुमित निषाद ने कहा कि आज पत्रकारिता क्षेत्र में पत्रकार जोखिम उठाकर उन तत्वों को समाज के सामने आईना दिखाने के साथ ही व्यवस्था को बेहतर रूप से संचालित करने में खासा योगदान देता है पत्रकारों ने कलम की विश्वसनीयता कायम की है। पत्रकार नीतेश कुमार ने आगे कहा की पत्रकार देश की बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन उसके लिए कोई मजबूत व्यवस्था नहीं है इसके लिए केंद्र एवं प्रदेश की सरकारों की व्यवस्था पर गहन विचार करना चाहिए। अमन अवस्थी ने अपने अनुभव उद्गार किये उन्होंने बताया कि पत्रकार देश की बड़ी भूमिका निभाकर बड़ी से बड़ी आपदा को नेस्तनाबूद कर देते है इसके लिए चाहे उन्हें अपनी जान की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े। अंत में वरिष्ठ पत्रकार डा. आरके मिश्रा ने युवा पत्रकारों का हौंसला बढ़ाते हुये कि आज पत्रकारिता क्षेत्र जितना सुगम हुआ है तो दूसरी ओर पत्रकारों के सामने परेशानियां बढ़ी है। सोशल मीडिया पर प्रचारित किसी भी खबर का संज्ञान तो लिया जा सकता है लेकिन उस पर पूर्ण विश्वास कर पाना मुश्किल होता है। उन्होंने युवा पत्रकारों से कहा कि वह आपस में सामंजस्य बनाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस दौरान पत्रकार अमन योगेन्द्र तिवारी, पत्रकार अंजनी सोनी, पत्रकार सोरब कुमार, पत्रकार नीतेश कुमार पत्रकार, सुमित निषाद, करन लक्षकार, राकेश, कप्तान सिंह, सानू खान सहित अनेकों पत्रकार साथी मौजूद रहे।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *