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VB-GRAM-G अधिनियम 2025 से ग्रामीण रोजगार को नई दिशा: इटावा में प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति

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इटावा।
लोकसभा में प्रस्तुत नए ग्रामीण रोजगार कानून “विकसित भारत: जी राम जी (VB-GRAM-G) अधिनियम–2025” को लेकर होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं जनपद इटावा प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ‘अन्नू’ गुप्ता ने की।
प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा को बंद नहीं किया गया है, बल्कि VB-GRAM-G एक्ट के पूर्ण लागू होने तक मनरेगा पूरी तरह प्रभावी रहेगी और रोजगार की गारंटी बनी रहेगी।
उन्होंने बताया कि मनरेगा की तुलना में VB-GRAM-G योजना के अंतर्गत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया गया, तो बेरोजगारी भत्ता का अनिवार्य भुगतान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजना तैयार करेंगी। गांवों के समेकित विकास के लिए पीएम गति शक्ति, GIS और अन्य आधुनिक आईटी टूल्स का उपयोग किया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं से अभिसरण कर विकास को गति दी जाएगी।
अनुमन्य कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है—
जल सुरक्षा व संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन, तथा जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य। इन सभी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि विकास पैरामीटर के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि सभी गांवों को समान विकास के अवसर मिल सकें। कृषि कार्यों के समय मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए बुवाई और कटाई के दौरान वर्ष में 60 दिनों तक योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे।
योजना के खर्च का वहन 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण परिस्थितियों में विशेष छूट के प्रावधान भी किए गए हैं। राज्यवार मानक आवंटन केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाएगा, जबकि अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।
पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी, GIS आधारित प्लानिंग, पोर्टल के माध्यम से MIS डैशबोर्ड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आईटी टूल्स से निगरानी की जाएगी। सोशल ऑडिट को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि आय-वृद्धि, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर भी प्रदान करेगी। यह योजना “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, पूर्व विधायक सिद्धार्थ शंकर दोहरे, जिला महामंत्री शिवाकांत चौधरी व प्रशांत राव चौबे, ब्लॉक प्रमुख गणेश राजपूत, कृपा नारायण तिवारी, कार्यक्रम संयोजक व जिला मंत्री रजत चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य तथा सह-संयोजक सतेंद्र राजपूत सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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