आज की ताजा खबर

सीएम योगी के पर्यटन विज़न को मिला धरातल

top-news

महोबा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के विज़न के तहत बुंदेलखंड के ऐतिहासिक जनपद महोबा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। रहिलिया स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर के समीप प्रस्तावित सूर्यकुंड पार्क के नव निर्माण का विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया।
शिलान्यास कार्यक्रम में सदर विधायक राकेश गोस्वामी, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, भाजपा जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने विधि-विधान से पूजन कर परियोजना का शुभारंभ किया।
यह सूर्यकुंड पार्क महोबा नगर पालिका परिषद द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत लगभग 69 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। पार्क के निर्माण से रहिलिया तालाब एवं सूर्य मंदिर परिसर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे यह स्थान उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर विशेष रूप से उभरेगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सूर्यकुंड पार्क के निर्माण के बाद यहां देश-विदेश से पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों की देखरेख में सहयोग करें।
कोणार्क से भी प्राचीन है रहिलिया का सूर्य मंदिर
सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने बताया कि महोबा का यह ऐतिहासिक सूर्य मंदिर चंदेल शासक राहुल देव बर्मन द्वारा नवमी शताब्दी (लगभग 890–910 ई.) के बीच बनवाया गया था। यह मंदिर कोणार्क के सूर्य मंदिर से भी अधिक प्राचीन है। दुर्भाग्यवश 1203 ई. में आक्रमणकारी कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा इसे क्षति पहुंचाई गई।
उन्होंने बताया कि यह मंदिर ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित है और विशेष बात यह है कि इसका निर्माण बिना सीमेंट और गारे के किया गया था। इसकी नक्काशी आज भी चंदेलकालीन स्थापत्य कला की उत्कृष्ट मिसाल है। यह स्थल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में सूर्य मंदिर परिसर, गोरखगिरि पर्वत एवं अब सूर्यकुंड पार्क का विकास किया जा रहा है।
सूर्यकुंड पार्क के निर्माण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महोबा की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान भी प्राप्त होगी।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *