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तंबाकू व्यापारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को कोर्ट से मिली 7 घंटे मे जमानत, पुलिस रिमांड की याचिका खारिज

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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए हादसे में तंबाकू व्यापारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को जमानत मिल गई है। कोर्ट ने शिवम को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। वहीं, पुलिस की 14 दिन की रिमांड याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में कानपुर की वीआईपी रोड पर हुए ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में स्थानीय तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। रविवार को दोपहर करीब तीन बजे पॉश ग्वालटोली इलाके में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी।

पुलिस जांच में शिवम ही कार चलाते हुए पाया गया
इस हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने बाद में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, शिवम के वकील धर्मेंद्र सिंह ने दावा किया कि तौफीक का आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है और अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता।
इस मामले में बुधवार को उस समय नया मोड़ आया, जब स्वयं को कार का चालक बताने वाले मोहन नामक व्यक्ति ने दावा किया कि दुर्घटना के समय वाहन वही चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से स्पष्ट रूप से साबित होता है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।

'मुआवजा' मिलने के बाद वादी ने वापस ली शिकायत
कानपुर के हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी टक्कर मामले की जांच में बुधवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने 'मुआवजा' मिलने के बाद आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जाहिर की।
एक अन्य घटनाक्रम में कार के कथित चालक मोहनलाल ने दावा किया कि जब कार ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मारी, तब तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा नहीं, बल्कि वह स्वयं गाड़ी चला रहा था।

पीड़ित चालक ने कहा—उसका समझौता हो गया है
शिवम के वकील धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने कहा है कि उसका आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है और अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता।
धर्मेंद्र सिंह ने दावा किया कि दुर्घटना के समय मोहनलाल कार चला रहा था और उसने तौफीक के इलाज के खर्च तथा अन्य नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप
समझौता दस्तावेज में कहा गया है कि यह समझौता बिना किसी दबाव के, स्वेच्छा से किया गया है और शिकायतकर्ता लैंबॉर्गिनी टक्कर मामले में चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले को जल्दी खत्म करने के लिए ‘उच्च अधिकारियों के काफी दबाव’ में यह समझौता कराया गया है।
इससे पहले, कथित कार चालक मोहनलाल ने एक अदालत के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हादसे से कुछ देर पहले शिवम को अचानक दौरा पड़ा था और उसे संभालने की कोशिश में वह कार पर नियंत्रण खो बैठा।

अचानक शिवम को दौरा पड़ा
उसने कहा, “जब हादसा हुआ, तब मैं कार चला रहा था। अचानक शिवम को दौरा पड़ा और वह मेरे ऊपर गिर गया। मैं डर गया और मैंने उसे एक हाथ से संभालने की कोशिश की। कार एक तिपहिया वाहन से टकराई, डिवाइडर पर चढ़ी और रुक गई।”
मोहनलाल ने आगे दावा किया कि गाड़ी के ऑटोमैटिक लॉकिंग सिस्टम की वजह से वह तुरंत कार से बाहर नहीं निकल पाया। उसने कहा, “मैंने उसे चालक की सीट पर बैठाया और बाहर निकल गया। बाद में शीशा टूट गया।”

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