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सीएम योगी के संकल्प से बदली खुशी की जिंदगी: ई-रिक्शा पाकर परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा |
- दैनिक लोक भारती
- 03 Jul, 2026
कानपुर। कानपुर की 19 वर्षीय दिव्यांग बेटी खुशी गुप्ता की संघर्षपूर्ण कहानी अब नई उम्मीद की मिसाल बन गई है। कभी अपनी समस्याओं को लेकर कानपुर से लखनऊ तक पैदल पहुंची खुशी आज इलाज, शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में नई शुरुआत कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने उसके परिवार के लिए आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध कराते हुए खुशी के पिता को नया ई-रिक्शा सौंपा।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में खुशी के पिता कल्लू गुप्ता को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। प्रशासन के अनुसार, यह पहल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
खुशी, जो पहले सुनने और बोलने में असमर्थ थी, का फरवरी 2026 में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया। उपचार के बाद अब वह सुन और बोल पा रही है। साथ ही उसकी शिक्षा की व्यवस्था लखनऊ के एक विशेष आवासीय विद्यालय में कराई गई है, जहां वह अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है।
परिवार की आर्थिक परेशानियों को देखते हुए, जिलाधिकारी की पहल पर एनआरजे इलेक्ट्रिक मोटर व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सीएसआर (CSR) फंड के तहत खुशी की मां के नाम पर यह ई-रिक्शा निःशुल्क उपलब्ध कराया। बताया गया कि एक सड़क हादसे के बाद खुशी के पिता की आय प्रभावित हो गई थी, ऐसे में यह ई-रिक्शा परिवार के लिए स्थायी रोजगार का माध्यम बनेगा।
खुशी और उसके परिवार ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताया। यह पहल दर्शाती है कि समय पर मिले उपचार, शिक्षा और रोजगार के अवसर किसी भी जरूरतमंद परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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