पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत से संबद्ध जिला अस्पताल परिसर मंगलवार सुबह उस समय दहल उठा, जब पैरामेडिकल प्रथम वर्ष के एक छात्र ने अपनी सहपाठी छात्रा पर चाकू से बेहद बेरहमी से हमला कर दिया। सीटी स्कैन कक्ष में हुए इस खूनी हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसे बचाने के लिए बीच-बचाव में कूदी अस्पताल की स्टाफ कर्मी निधि भी घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर हालत में छात्रा को बरेली रेफर किया गया जहां पहुंचकर उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे सीटी स्कैन कक्ष में मौजूद छात्रा बरेली निवासी कशिश पटेल और उसके सहपाठी कानपुर निवासी सागर सिंह के बीच किसी पुराने विवाद और प्रेम प्रसंग को लेकर कहासुनी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ते ही सागर ने अपने साथ लाया धारदार चाकू निकाल लिया और सीधे छात्रा के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में छात्रा की गर्दन और गले की मुख्य रक्त वाहिकाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे तेज रक्तस्राव शुरू हो गया।
चीख-पुकार सुनकर सीटी स्कैन कक्ष में मौजूद स्टाफ कर्मी निधि छात्रा को बचाने के लिए दौड़ीं। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आरोपी को रोकने का प्रयास किया, जिसमें वह भी घायल हो गईं। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
एसपी, एएसपी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा, एएसपी विक्रम दाहिया, सीओ सदर नताशा गोयल, सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सहपाठियों से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला दोनों छात्रों के बीच पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी आंतरिक जांच
घटना को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति पूरे घटनाक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और घटना के कारणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्राचार्या को सौंपेगी। दोनों छात्र पैरामेडिकल टेक्नीशियन कोर्स के प्रथम वर्ष के बताए गए हैं।
डॉक्टरों ने दो घंटे मौत से लड़ी जंग, फिर बरेली किया रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने इमरजेंसी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तत्काल उपचार में जुट गई। करीब दो घंटे तक डॉक्टरों ने छात्रा की जान बचाने के लिए संघर्ष किया। उपचार के दौरान छात्रा की सेंट्रल लाइन डाली गई, रक्त चढ़ाया गया तथा सांस लेने में कठिनाई को देखते हुए इंटुबेशन किया गया। गंभीर हालत में छात्रा को एलएस एंबुलेंस से बेहतर उपचार के लिए बरेली रेफर किया गया है। प्राचार्या ने एंबुलेंस के साथ दो सीनियर रेजिडेंट, तीन जूनियर रेजिडेंट, एक ओटी टेक्नीशियन, आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और ब्लड बैग भी भेजे। बरेली हाय सेंटर पहुंचने पर छात्रा ने दम तोड़ दिया।
मारने की नीयत से आया था आरोपी, प्रोफेशनल चाकू बरामद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी सागर पूर्व नियोजित तरीके से अस्पताल पहुंचा था। वह अपने साथ नया प्रोफेशनल धारदार चाकू लेकर आया था। विवाद शुरू होते ही उसने सीधे छात्रा के गले को निशाना बनाया। वार इतने गहरे थे कि गर्दन की मुख्य नसें कट गईं और कुछ ही क्षणों में छात्रा अत्यधिक रक्तस्राव से बेहोश होने लगी।
स्टाफ कर्मी निधि बनीं साहस की मिसाल
हमले के दौरान जब अधिकांश लोग सहम गए, तब सीटी स्कैन कक्ष में तैनात स्टाफ कर्मी निधि बिना अपनी जान की परवाह किए छात्रा को बचाने के लिए आगे बढ़ीं। आरोपी को रोकने के प्रयास में वह स्वयं भी घायल हो गईं। उनकी सूझबूझ और साहस से हमलावर आरोपी छात्र कमजोर पड़ा।
करीब 09 बजे थाना कोतवाली पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि जिला अस्पताल पीलीभीत के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्र, ने सीटी स्कैन टेक्नोलॉजी की छात्रापर चाकू से हमला कर दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल कशिश को जिला अस्पताल पीलीभीत में प्राथमिक उपचार के उपरांत बरेली रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस द्वारा आरोपी छात्र को तत्काल पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। मृतका के परिजनों से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। मृतका के शव के पंचायतनामा एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही नियमानुसार की जा रही है।
सुकीर्ति माधव मिश्रा
पुलिस अधीक्षक पीलीभीत।