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उमेश की मौत पर भड़का आक्रोश, शव रखकर निगोही रोड पर लगाया जाम, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से की अभद्रता

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पैनल चोरी के आरोप में पुलिस चौकी ले जाने के बाद प्रताड़ित करने का लगाया आरोप, विधायक सलोना कुशवाहा भी मौके पर पहुंचीं

आरिफ सिद्दीकी,अर्शयान अर्श

तिलहर-शाहजहांपुर। तिलहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नबियापुर में 25 वर्षीय उमेश की पेड़ से लटकी मिली लाश के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने उमेश की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को निगोही रोड पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन पांच आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ ही उमेश को कथित रूप से पीटने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा भी मौके पर पहुंचीं और परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।

पैनल चोरी के आरोप में पुलिस चौकी ले जाने का आरोप

परिजनों के मुताबिक उमेश पर गांव के ही राममूर्ति और उसके बेटों सहित कुछ लोगों ने पैनल चोरी करने का आरोप लगाया था। परिवार का आरोप है कि इसी मामले में पुलिस सोमवार सुबह उमेश को उसके घर से पकड़कर विरसिंगपुर चौकी ले गई थी।

परिजनों का आरोप है कि चौकी में उमेश के साथ मारपीट की गई और उस पर पैनल चोरी करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने उससे चोरी की बात कबूल कराई और रुपये देने की बात भी कही गई। परिवार का कहना है कि देर रात उमेश को छोड़ दिया गया था।


घर से निकलने के बाद भेजी रिकॉर्डिंग

परिजनों के अनुसार इसके बाद उमेश गुरुवार रात घर से निकल गया। कुछ समय बाद उसने अपने भाई के मोबाइल फोन पर एक रिकॉर्डिंग भेजी। परिजनों का दावा है कि रिकॉर्डिंग में उमेश ने गांव के पांच लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया और उनके नाम भी बताए।

रिकॉर्डिंग मिलने के बाद परिवार के लोगों ने उमेश की तलाश शुरू कर दी। कुछ देर बाद गांव के उत्तर-पूर्व दिशा में खेत के पास एक पेड़ पर उमेश का शव फंदे से लटका मिला। शव मिलने की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई।

हत्या कर शव लटकाने का लगाया आरोप

उमेश के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि उमेश की हत्या करने के बाद शव को पेड़ पर लटकाया गया है। परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की।

घटना की सूचना पर विरसिंगपुर चौकी प्रभारी अरुण कुमार गौतम मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में तिलहर सीओ विदुश सक्सेना और कोतवाल प्रिंस शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की।

नामजद रिपोर्ट के बाद कराया पोस्टमार्टम

परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। परिजन रिपोर्ट दर्ज किए बिना शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद मृतक के बड़े भाई सर्वेश की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

अंतिम संस्कार से किया इनकार, सड़क पर रखा शव

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। करीब साढ़े दस बजे परिजन और ग्रामीण शव को लेकर निगोही रोड स्थित गर्रा नदी पुल पर पहुंच गए और सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।

जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। लोगों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और उमेश के साथ कथित रूप से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। उनका कहना था कि जब तक आरोपितों की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

विधायक सलोना कुशवाहा भी मौके पर पहुंचीं

जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। तिलहर सीओ विदुश सक्सेना और कोतवाल प्रिंस शर्मा ने परिजनों से बातचीत की। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने परिजनों को जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया।

चार आरोपित गिरफ्तार, एक की तलाश

सीओ विदुश सक्सेना ने बताया कि मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस चौकी में उमेश के साथ मारपीट किए जाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए जाने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की अभी जांच की जानी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल उमेश की मौत आत्महत्या थी या उसकी हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया, यह जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृतक की ओर से भेजी गई कथित रिकॉर्डिंग, घटनास्थल के साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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