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महिला सम्मान बनाम सियासत: बयानबाज़ी के बीच अपर्णा यादव का सख्त संदेश

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बाराबंकी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े वायरल वीडियो और उस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद की टिप्पणी ने महिला सम्मान और राजनीतिक मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में बैठे लोगों को महिलाओं की गरिमा पर बोलते समय विशेष संयम बरतना चाहिए।जिला महिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा कि किसी भी महिला के पहनावे, धर्म या पहचान को लेकर अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने नीतीश कुमार के कृत्य और संजय निषाद के बयान—दोनों को निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में नेताओं को उदाहरण पेश करना चाहिए, न कि विवाद खड़ा करना। उनके अनुसार, दोनों नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
 महिला सम्मान पर आयोग की स्पष्ट लाइन 
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आयोग ऐसे मामलों में केवल बयान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर ठोस कार्रवाई की सिफारिश भी करेगा। उनका कहना था कि महिला विरोधी सोच को राजनीतिक बयानबाज़ी के नाम पर ढकने की कोशिश अब नहीं चलने वाली
बाराबंकी दौरे में जमीनी मुद्दों पर फोकस 
राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया के साथ-साथ अपर्णा यादव का बाराबंकी दौरा प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से भी अहम रहा। उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। भर्ती महिलाओं से संवाद कर इलाज, दवाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पूर्व निरीक्षण में दिए गए निर्देशों का असर दिखा है—एनआईसीयू में बेड की संख्या 12 से बढ़कर 18 हो गई है और कंगारू मदर केयर यूनिट की शुरुआत हुई है।
 जेल और किशोरी गृह में मानवीय दृष्टिकोण 
जिला जेल के निरीक्षण के दौरान अपर्णा यादव ने महिला बंदियों को जैकेट वितरित कीं और ठंड को देखते हुए कम्बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बंदियों को सिलाई-कढ़ाई और दरदोजी जैसे कार्यों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। साथ ही गौशाला में गायों को गुड़ व बिस्कुट खिलाकर संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उन्होंने राजकीय किशोरी सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर पुनर्वास और स्वावलंबन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि किशोरियां समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें
जनसुनवाई और राजनीतिक संदेश 
डीआरडीए सभागार में आयोजित जनसुनवाई में अपर्णा यादव ने महिलाओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति जैसे अभियानों का उद्देश्य केवल जागरूकता नहीं, बल्कि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना है।इसी क्रम में उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक प्रहार किया। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव समाप्त हो चुका है और पार्टी केवल बेतुके मुद्दों के सहारे मीडिया में बने रहने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मीडिया को भी बिना तथ्य वाले बयानों से दूरी बनाए रखने की नसीहत दी।
 राजनीतिक संदेश साफ 
अपर्णा यादव का यह दौरा और बयान साफ संकेत देता है कि महिला सम्मान का मुद्दा केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही से भी जुड़ा है। वायरल वीडियो और विवादित बयान के बीच महिला आयोग की सख्ती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों पर चुप्पी नहीं, बल्कि स्पष्ट और कड़ा रुख देखने को मिलेगा।
ऑंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को दिया प्रशिक्षण 
विकास खंड बंकी के सभागार में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कार्यकर्त्रियों को पोषण, आयरन की कमी दूर करने तथा संतुलित आहार अपनाने के सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने तमाम सुझावों से महिलाओं को प्रशिक्षित किया। साथ ही ऑंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के मानदेय बढ़ाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।

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