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मंदाकिनी का रौद्र रूप: खतरे के निशान से 6.2 मीटर ऊपर पहुंची नदी, रामघाट समेत चार बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी

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रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र जलमग्न, प्रशासन ने नावों से शुरू कराया राहत एवं बचाव कार्य

एसपी और एडीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, 2003 के रिकॉर्ड के करीब पहुंचा जलस्तर

रमेश द्विवेदी 

चित्रकूट। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मंदाकिनी नदी ने शनिवार को रौद्र रूप धारण कर लिया। तेजी से बढ़े जलस्तर के कारण चित्रकूट का रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 6.2 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं।

शनिवार सुबह करीब पौने सात बजे रामघाट पर मंदाकिनी का जलस्तर 125.700 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह 7:10 बजे नदी ने खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर लिया। इसके बाद जलस्तर तेजी से बढ़ता गया। सुबह 10 बजे तक यह 130.700 मीटर और 11:15 बजे तक बढ़कर 132.700 मीटर पहुंच गया। इस स्तर पर नदी खतरे के निशान से 6.2 मीटर ऊपर बह रही थी। बढ़ते जलस्तर से रामघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया।


चार बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी

मंदाकिनी का पानी चित्रकूट के सीतापुर, पुरानी लंका, आरोग्यधाम और कर्वी नगर के तरौंहा मोहल्ले तक पहुंच गया है। कई घरों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस की टीमें नावों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया।

लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए घाटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी और गहरे पानी के आसपास न जाने की सलाह दी है।

एसपी और एडीएम ने रामघाट का किया निरीक्षण

बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और अपर जिलाधिकारी चित्रकूट (वित्त एवं राजस्व) चन्द्रशेखर ने रामघाट एवं निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घाटों पर जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा पुलिस और प्रशासन की ओर से किए गए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, खतरे वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन टीम और गोताखोरों को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया।

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, पुजारियों और दुकानदारों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें बाढ़ की स्थिति में सावधानी बरतने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और एसडीएम सदर अजय कुमार ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

2003 के हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंची मंदाकिनी

मंदाकिनी का मौजूदा जलस्तर वर्ष 2003 में दर्ज किए गए उच्चतम बाढ़ स्तर के करीब पहुंच गया है। एक सप्ताह पहले नदी का जलस्तर 129.200 मीटर तक पहुंचा था, लेकिन शनिवार को यह स्तर भी पीछे छूट गया।

वर्ष 2003 में मंदाकिनी का जलस्तर 134.500 मीटर के हाई फ्लड लेवल तक पहुंचा था। शनिवार को 11:15 बजे दर्ज 132.700 मीटर का जलस्तर इस रिकॉर्ड से महज 1.8 मीटर नीचे है। ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और चित्रकूट में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश को मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील कर रहा है।

पूरी खबर देखने के लिए नीचे क्लिक करे

https://youtu.be/R3SibO5Pgsg

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