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घाघरा उफनाई तो तटवर्ती गांवों पर टूटा बाढ़ का कहर, डेढ़ दर्जन गांवों में घुसा पानी
- दैनिक लोक भारती
- 09 Sep, 2026
खेत-रास्ते जलमग्न, संपर्क मार्ग टूटे, प्रशासन के सामने राहत-बचाव की चुनौती
राजेश जोशी
मिहींपुरवा/बहराइच। घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का कहर टूट पड़ा है। नदी का पानी तेजी से फैलने के कारण जिले के करीब डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेतों से लेकर आबादी तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन ठप हो गया है।
बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। खेतों में पानी भरने से धान और गन्ने की फसल डूबने के कगार पर है। पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घर नदी के बेहद नजदीक हैं। ग्रामीण अपने जरूरी सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
पानी बढ़ने से गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं और दर्जनों गांव टापू बन जाएंगे।
प्रशासन के सामने चुनौती
घाघरा के उफान को देखते हुए प्रशासन के सामने राहत और बचाव कार्य बड़ी चुनौती बन गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री, पीने का पानी, पशु चारा और स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीणों की नजर हर घंटे नदी के जलस्तर पर टिकी है। फिलहाल घाघरा का बढ़ता पानी तटवर्ती गांवों के लिए खतरे की घंटी बन गया है।
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