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हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं को 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, सीएम योगी ने की बड़ी घोषणा

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400 राज्य विधि अधिकारियों को जल्द मिलेंगे टैबलेट, बार एसोसिएशन को मल्टीलेवल पार्किंग और चैंबर की चाबी सौंपी

करीब 700 करोड़ की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए बने आधुनिक चैंबर, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- न्याय दिलाना शासन की जिम्मेदारी

पवन द्विवेदी

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने जिला अदालतों और हाईकोर्ट में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री की घोषणा का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के क्रिकेट मैदान में आयोजित समारोह के दौरान सीएम योगी ने बार एसोसिएशन को मल्टीलेवल पार्किंग और अधिवक्ता चैंबरों की चाबी भी सौंपी। उन्होंने कहा कि चैंबरों में फर्नीचर और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था के लिए हाईकोर्ट, न्यायपालिका या बार की ओर से प्रस्ताव आने पर सरकार हरसंभव आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग करेगी।

सीएम ने राज्य विधि अधिकारियों के कामकाज में तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुकदमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और प्रभावी पैरवी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।


अधिवक्ता कल्याण के लिए बढ़ाई गई सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य परिवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक एडवोकेट चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और सुविधायुक्त लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया है।

उन्होंने बताया कि अधिवक्ता कल्याण निधि की सहायता राशि को पहले ही डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा चुका है। अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु पर परिजनों को आर्थिक सहायता देने की पात्रता आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष की गई है। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबरों के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। राज्य सरकार का पक्ष रखने वाले विधि अधिकारियों की फीस में भी 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों से देश की न्याय व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम नागरिक का उस पर भरोसा है। यह भरोसा तभी कायम रहेगा, जब प्रत्येक व्यक्ति को समय पर निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय मिले।

साइबर अपराध और एआई जैसी चुनौतियों के लिए अपडेट हों अधिवक्ता

सीएम योगी ने कहा कि बदलते दौर में साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा गोपनीयता, डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, बौद्धिक संपदा और पर्यावरण से जुड़े नए प्रकार के कानूनी मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं को तकनीक, अर्थव्यवस्था और सामाजिक बदलावों के अनुरूप लगातार खुद को अपडेट करना होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत बार और मजबूत बेंच मिलकर सक्षम न्याय व्यवस्था की नींव तैयार करते हैं।

समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संविधान नागरिकों को अधिकार देता है और न्याय व्यवस्था उन अधिकारों की रक्षा का भरोसा देती है। सरकार और अधिवक्ताओं का संबंध केवल व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक कानून का लाभ पहुंचाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि गरीब हो या प्रभावशाली, कानून की नजर में सभी समान होने चाहिए।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ ‘ईज ऑफ जस्टिस’ की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत न्याय व्यवस्था के लिए समय पर न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधियों को छोड़ेंगे नहीं।

डिप्टी सीएम ने 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और अधिवक्ताओं से समर्थन की अपील की। समारोह में मौजूद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा का स्वागत किया।

 

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