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प्रभुभक्ति और आत्मकल्याण के लिए मिला है मानव तन

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श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, अमरकथा प्रसंग सुन भावविभोर हुए भक्त

मोहम्मद नईम

दुदही, कुशीनगर। क्षेत्र के ग्रामसभा विजयपुर पश्चिमपट्टी स्थित ब्रह्मस्थान परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। व्यासपीठ पर विराजमान प्रख्यात कथावाचक पूज्य रामशंकर शास्त्री महाराज ने संगीतमय कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, आत्मकल्याण और जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य का संदेश दिया।

कथावाचक ने कहा कि “मानव तन सांसारिक विषय-वस्तुओं के भोग के लिए नहीं, बल्कि प्रभुभक्ति और आत्मा के कल्याण के लिए मिला है।” उन्होंने कहा कि संसार में ईश्वर की भक्ति से बढ़कर कोई सुख और संपदा नहीं है। जो व्यक्ति सच्चे मन और श्रद्धा से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका जीवन सदैव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई अमरकथा और अमरत्व के रहस्य का रोचक एवं भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने अमरनाथ की गुफा में उन्हें परम ज्ञान और अमरत्व की कथा सुनाई थी। इसी दिव्य कथा को सुनते-सुनते शुकदेव के रूप में विख्यात होने वाले शुक के बच्चे ने अमरत्व का ज्ञान प्राप्त किया। आगे चलकर यही शुकदेव महाराज राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराने वाले महान संत बने।

अमरकथा के इस दिव्य प्रसंग ने कथा पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।

महाराज ने हरितालिका तीज व्रत के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इसे माता पार्वती के महान त्याग और कठिन तपस्या का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह व्रत अखंड सौभाग्य एवं पति की दीर्घायु की कामना से जुड़ा है।

कथा से पूर्व मुख्य यजमान अभिराम गुप्त ने वैदिक ब्राह्मण धीरज एवं शाश्वत के आचार्यत्व में मंत्रोच्चार के बीच श्रीमद्भागवत का पूजन किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यासपीठ का मुख्य पूजन ससम्मान संपन्न कराया। महाआरती के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

इस अवसर पर मदन मोहन, सुमित दुबे, राजन गोविंद, शिवम चौबे, राकेश, विनायक, अवधेश, रामनरेश, अनिल, भगवती, दुर्गेश एवं श्रवण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

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