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पिंक सिटी कॉलोनी के बाद कार्रवाई की जद़ में केजीएन कॉलोनी-2 भी?
- दैनिक लोक भारती
- 24 Sep, 2026
नजूल और सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायतों की जांच हुई तो कई और कॉलोनियां आ सकती हैं दायरे में, पिंक सिटी की कार्रवाई के बाद बढ़ी चर्चा
शोएब खान
पीलीभीत। शहर की पिंक सिटी कॉलोनी में नजूल भूमि पर बनाई गई सड़क पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब आसपास विकसित की गई अन्य कॉलोनियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इनमें केजीएन कॉलोनी-2 का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, इस कॉलोनी के संबंध में किसी तरह की कार्रवाई या अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, लेकिन पिंक सिटी प्रकरण की जांच यदि जमीन के रिकॉर्ड, गाटा और निर्माण की वैधता तक पहुंचती है तो अन्य कॉलोनियों की स्थिति भी जांच के दायरे में आ सकती है।
बुधवार को पिंक सिटी कॉलोनी में नगर पालिका, राजस्व और विनियमित क्षेत्र की संयुक्त टीम ने सड़क को जेसीबी से ध्वस्त कराया था। प्रशासन के अनुसार सड़क जिस जमीन पर बनाई गई थी, वह पालिका की भूमि बताई गई और क्षेत्र खकरा नदी के निर्धारित 100 मीटर दायरे में भी आता है। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी समेत अधिकारी मौजूद रहे।
इस कार्रवाई ने शहर में कॉलोनियों की बसावट, जमीन के स्वरूप और सरकारी विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों को लेकर पुरानी चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। खासकर उन कॉलोनियों पर सवाल उठने लगे हैं, जहां जमीन के मूल रिकॉर्ड, रास्तों के निर्माण और लेआउट की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
कार्रवाई सिर्फ सड़क तक सीमित रहेगी या आगे बढ़ेगी?
पिंक सिटी में कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन की जांच केवल चिन्हित सड़क तक सीमित रहती है या संबंधित जमीनों के रिकॉर्ड और कॉलोनी के पूरे लेआउट की भी पड़ताल होगी। यदि जांच व्यापक स्तर पर होती है तो नजूल, पालिका अथवा अन्य सरकारी जमीन से जुड़े मामलों की भी पड़ताल संभव है।
इसी कड़ी में केजीएन कॉलोनी-2 को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, केवल चर्चा के आधार पर कॉलोनी को अवैध या अनियमित बताना उचित नहीं होगा। इसके लिए राजस्व अभिलेख, स्वीकृत मानचित्र, भूमि की प्रकृति और संबंधित विभागों की अनुमतियों की जांच जरूरी होगी।
सरकारी विभागों की भूमिका भी होगी अहम
पिंक सिटी मामले में एक सवाल यह भी उठा है कि यदि किसी कॉलोनी में जमीन और निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद या शिकायतें थीं तो संबंधित विभागों ने पहले क्या जांच की? अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे जांच का दायरा कितना बढ़ता है और किन-किन जमीनों के रिकॉर्ड खंगाले जाते हैं।
फिलहाल पिंक सिटी में सड़क ध्वस्तीकरण के बाद शहर में यह चर्चा जरूर शुरू हो गई है कि एक कॉलोनी पर चला बुलडोजर कहीं जमीन और कॉलोनियों की पूरी व्यवस्था की जांच की शुरुआत तो नहीं है। आने वाले दिनों में राजस्व और नगर पालिका के अभिलेखों की जांच से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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