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ओवरलोड नाव डगमगाई, खंदक में गिरा सवारियों से भरा ई-रिक्शा; बाढ़ में बाल-बाल बचीं जिंदगियां

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नाव चालक की चेतावनी के बावजूद चढ़ते रहे लोग, साप्ताहिक बाजार के चलते बढ़ी भीड़; पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली व्यवस्था

लक्ष्मी शरण सिंह राठौड़

फर्रुखाबाद l गंगा और रामगंगा की बाढ़ के बीच अमैयापुर पुलिया पर शनिवार को दो घटनाओं ने ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। क्षमता से अधिक सवारियों के कारण नाव अचानक असंतुलित हो गई और पलटने का खतरा पैदा हो गया। इसी दौरान राजपुर की ओर से बाढ़ के पानी के बीच सवारियां लेकर आ रहा ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंदक में जा गिरा। ई-रिक्शा के खंदक में गिरते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों की मदद से सभी सवारियां समय रहते बाहर निकल आईं और बड़ा हादसा टल गया।

 चेतावनी के बाद भी नाव पर चढ़ते रहे लोग

राजपुर-गुडेरा संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भरा होने के कारण अमैयापुर पुलिया ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख रास्ता बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नाव के माध्यम से पुलिया के दूसरी ओर पहुंचाया जा रहा है। शनिवार को साप्ताहिक बाजार के कारण अचानक ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई।

 नाव चालक लगातार लोगों से क्षमता से अधिक सवारियां न बैठने और नाव पर बाइक न चढ़ाने की अपील करता रहा। इसके बावजूद लोग नाव पर सवार होते रहे। अधिक भार बढ़ने पर नाव डगमगाने लगी और कुछ समय के लिए उसके पलटने का खतरा पैदा हो गया। नाव में बैठे लोगों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।


 बाढ़ के पानी में अनियंत्रित होकर खंदक में गिरा ई-रिक्शा

इसी बीच राजपुर की ओर से सवारियां लेकर अमैयापुर पुलिया की तरफ आ रहा ई-रिक्शा बाढ़ के पानी के बीच रास्ता पार करते समय अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते ई-रिक्शा सड़क किनारे खंदक में जा गिरा। ई-रिक्शा में सवार लोगों के भी खंदक में गिरने से मौके पर हड़कंप मच गया।

 आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और किसी तरह ई-रिक्शा में फंसी सवारियों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक समय रहते मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

 पुलिस ने पहुंचकर संभाली कमान

 नाव के असंतुलित होने और ई-रिक्शा के खंदक में गिरने की सूचना मिलते ही थाना पुलिस सक्रिय हो गई। दरोगा राघवेंद्र भदौरिया और कल्लू सिंह पुलिस बल के साथ अमैयापुर पुलिया पहुंचे और मौके की व्यवस्था संभाली। पुलिस की मौजूदगी में बाजार से लौट रहे महिलाओं और पुरुषों को नाव के माध्यम से सुरक्षित दूसरे छोर तक पहुंचाया गया।

मौके पर तैनात चीता पुलिस को भी व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने नाव पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही शराब के नशे में पहुंचने वाले लोगों और नाव चालक के कार्य में बाधा डालने वालों को नाव तक नहीं जाने देने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ में नाव और वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल

बाढ़ के कारण अमैयापुर पुलिया पर नाव ही आसपास के ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख सहारा बनी हुई है। ऐसे में नाव पर क्षमता से अधिक लोगों का सवार होना और बाढ़ के पानी में ई-रिक्शा जैसे वाहनों का आवागमन जोखिम बढ़ा रहा है। शनिवार की दोनों घटनाओं ने इस खतरे को सामने ला दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि साप्ताहिक बाजार के दिनों में पुलिया पर भीड़ सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ जाती है। ऐसे में नाव की क्षमता के अनुसार ही सवारियों को बैठाने और बाढ़ प्रभावित मार्ग पर वाहनों के आवागमन को लेकर सख्ती जरूरी है। फिलहाल पुलिस की सक्रियता से दोनों घटनाओं में बड़ा हादसा होने से बच गया।

 

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