आज की ताजा खबर
करोड़ों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल से वंचित ग्रामीण; चार साल बाद भी अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं
Lucknow Cyber Fraud: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का खुलासा | UP News
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
कुशीनगर में सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से की जांच की मांग स्वीकृत एक किलोमीटर सड़क के स्थान पर सीमित निर्माण का आरोप, गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
- दैनिक लोक भारती
- 07 Jul, 2026
कुशीनगर। विकास खंड पडरौना की ग्राम पंचायत जंगल खिरकिया में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वीकृत निर्माण कार्य के अनुरूप सड़क नहीं बनाई गई और गुणवत्ता मानकों की भी अनदेखी की गई है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार लाल टोला चतुर से हरिजन बस्ती तक लगभग एक किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए धन स्वीकृत हुआ था, लेकिन मौके पर केवल सीमित हिस्से में ही इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इंटरलॉकिंग लगाने से पहले आवश्यक आधार (बेस) तैयार नहीं किया गया और सीधे मिट्टी पर निर्माण कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार का निर्माण बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े होते हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने तथा यदि अनियमितता पाई जाए तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप दोबारा कराए जाने की भी मांग की गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
पूरी खबर देखने के लिए नीचे क्लिक करे
कुशीनगर में सड़क निर्माण का 'खेल' उजागर! बिना बेस डाले इंटरलॉकिंग, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
LIKE,SHARE,SUBSCRIBE AND FOLLOW US
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







