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जिला अस्पताल में बिखरा बायोमेडिकल कचरा, व्यवस्था पर सवाल कुष्ठ रोग विभाग कार्यालय के सामने मिला सिजेरियन मेडिकल वेस्ट सीएमएस व सीएमओ बोले-जल्द होगी सफाई
- दैनिक लोक भारती
- 11 Jul, 2026
बाराबंकी। जिला पुरुष अस्पताल के कुष्ठ रोग विभाग कार्यालय के सामने शनिवार को सिजेरियन से संबंधित बायोमेडिकल कचरा खुले में पड़ा मिला। कचरे के बीच आधा दर्जन से अधिक आवारा पशु भोजन तलाशते नजर आए, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई। इस घटना ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए।
खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट
अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा बायोमेडिकल कचरा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों की अनदेखी करता दिखा। मरीजों और तीमारदारों ने भी इस पर चिंता जताई। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे कचरे का खुले में पड़ा रहना संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है।
सीएमएस बोले— जल्द होगी सफाई
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. जे.पी. मौर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को कचरा हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम ने भी आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।
दो अधिकृत प्लांट, फिर भी सवाल
बाराबंकी में बायोमेडिकल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए दो अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से सरकारी और निजी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, डेंटल क्लीनिक और पशु चिकित्सालयों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे का संग्रह और निस्तारण किया जाता है। इसके बावजूद जिला अस्पताल परिसर में खुले में सिजेरियन मेडिकल वेस्ट मिलना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के अनुसार ऐसे कचरे का स्रोत पर पृथक्करण और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है।
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