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बरसात में बांध की बदहाली बनी चेतावनीए गहरे गड्ढों ने बढ़ाई चिंता

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 सूरतगंज बाराबंकी। सरयू.घाघरा नदी के किनारे स्थित हेतमापुर बांध पर बरसात ने पहले से मौजूद खामियों को और उजागर कर दिया है। सुंदरनगरए कोड़रीए पंडितपुरवा सहित कई गांवों को जोड़ने वाले इस बांध मार्ग पर अनेक स्थानों पर पांच से सात फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। वर्षा का पानी भर जाने से इनकी वास्तविक गहराई दिखाई नहीं देतीए जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल चलने वालों के लिए भी हर सफर जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणकृहादसे से पहले होनी चाहिए कार्रवाई 
ग्रामीण राजनए हरिकेशए राजूए शिवरामए राजाराम और अनुपम सहित अन्य लोगों का कहना है कि बरसात के साथ गड्ढों का आकार लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी वाहन का पहिया इन धंसे हिस्सों में फंस जाए तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। रात में प्रकाश व्यवस्था न होने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
बढ़ते जलस्तर के बीच कटान की आशंका भी बनी 
हालांकि सरयू.घाघरा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैए लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बांध के कमजोर हिस्सों की मरम्मत नहीं हुई तो पानी का दबाव और रिसाव कटान की स्थिति पैदा कर सकता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मानसून के दौरान छोटे गड्ढे भी समय पर न भरे जाएं तो वे बड़ी तकनीकी समस्या का रूप ले सकते हैं।
 हजारों लोगों की जीवनरेखा है यह बांध मार्ग 
हेतमापुर बांध केवल बाढ़ सुरक्षा का साधन नहींए बल्कि सुंदरनगरए कोड़रीए मदरहाए अकौनाए कोयलीपुरवा और पर्वतपुर समेत कई गांवों के लोगों की दैनिक आवाजाही का प्रमुख मार्ग भी है। किसान इसी रास्ते से खेतों तक पहुंचते हैंए विद्यार्थी स्कूल जाते हैं और ग्रामीण बाजार व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में बांध की खराब स्थिति सीधे जनजीवन को प्रभावित कर रही है।
 मरम्मत से पहले निरीक्षणए फिर स्थायी समाधान 
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से बांध का तत्काल तकनीकी निरीक्षण करानेए गहरे गड्ढों को भरवानेए क्षतिग्रस्त हिस्सों को मजबूत करने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अधिकारियों के लिए यह समय केवल मरम्मत कराने का नहींए बल्कि पूरे बांध का सुरक्षा ऑडिट कराने का भी हैए ताकि बरसात और संभावित बाढ़ के दौरान किसी बड़ी समस्या से पहले ही बचाव किया जा सके। समय पर उठाया गया एक प्रभावी कदम भविष्य में जनधन की हानि रोकने के साथ.साथ प्रशासन की सक्रियता का भी प्रमाण बनेगा।

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