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सावन के पहले सोमवार पर कानपुर शिवमय, मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब; 'बोल बम' के जयघोष से गूंजा शहर

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आनंदेश्वर मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों में तड़के से जलाभिषेक, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

अमोघ दीक्षित

कानपुर। सावन के पहले सोमवार को कानपुर पूरी तरह शिवमय नजर आया। तड़के तीन बजे से ही शहर के प्रमुख शिवालयों के पट खुलते ही 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें मंदिरों के बाहर लग गईं। भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचने लगे।

गंगा तट स्थित प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर (परमट) में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां दूर-दूर से आए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की। परमट मार्ग पर सुबह पांच बजे से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। प्रमुख मंदिरों पर महिला पुलिसकर्मियों, पीएसी की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छायादार विश्राम स्थल और एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। मंदिर समितियों ने ऑनलाइन दान और प्रसाद वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई।

सुबह से ही कांवड़ियों के जत्थे शहर में प्रवेश करते रहे। नंगे पैर चल रहे शिवभक्तों की सेवा के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह फल, शरबत, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की।

आनंदेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्याम तिवारी ने बताया कि सावन के पहले सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। उनके अनुसार, पहले सोमवार पर लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया और शाम तक रुद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि सावन के शेष तीन सोमवारों को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार कर ली गई है।

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