आज की ताजा खबर

स्वतंत्रता आंदोलन में देशवासियों का बलिदान हमारी साझा विरासत

top-news

सद्भावना मंच जमीयत उलेमा की ओर से ईडन पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ सेमिनार, बड़ी संख्या में छात्रों ने लिया भाग

आरिफ सिद्दीकी

शाहजहांपुर। सद्भावना मंच जमीयत उलेमा जिला शाहजहांपुर के तत्वावधान में “स्वतंत्रता आंदोलन में देशवासियों का बलिदान हमारी साझा विरासत” विषय पर सेमिनार का आयोजन ईडन पब्लिक स्कूल, झंडाकलां में किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा दिए गए योगदान और बलिदान को याद करते हुए इसे आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर सैय्यद मोहम्मद नोमान ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की साझा विरासत को नई नस्ल तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहुति दी।

मुख्य अतिथि अशफाकुल्ला ने कहा कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और शहीद अशफाकउल्लाह खान साझा विरासत की अनमोल मिसाल हैं। उनके बलिदान को याद रखना और इस विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।


समारोह की अध्यक्षता कर रहे मौलाना असजाद साहब ने प्रोफेसर नोमान को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे और साझा विरासत का यह संदेश गली-गली और घर-घर तक पहुंचना चाहिए।

कार्यक्रम में सैय्यद रिजवान अहमद ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। इमरान कासमी ने सद्भावना मंच की आवश्यकता और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. इफजालुर रहमान ने कहा कि शहीदों की नगरी शाहजहांपुर का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और यहां के लोगों ने आजादी की लड़ाई में बड़ी कुर्बानियां दीं।

डॉ. विकास खुराना ने बच्चों में सहनशीलता और आपसी सम्मान की भावना विकसित करने पर जोर दिया। मौलाना अजीमुद्दीन ने मौलाना हुसैन अहमद मदनी की देशभक्ति और उनके योगदान का उल्लेख किया। मुफ्ती ओसामा अजीम ने मौलाना अहमदुल्ला शाह के जीवन एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर व्याख्यान दिया।

मुफ्ती हुसैन ने 16वीं शताब्दी से लेकर 1948 तक के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाक्रम को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया। डॉ. मंसूर ने इंकलाबी कवियों और उनकी कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को सामने रखा। इसके अलावा डॉ. दिवेश त्रिपाठी, मुफ्ती इकरामुल्लाह और उत्पल यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

सेमिनार में स्कूल और मदरसे के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। वक्ताओं ने छात्रों से देश की साझा विरासत, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और आपसी भाईचारे के संदेश को समझने तथा आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में फजलुर रहमान, मुफ्ती अनस, हाजी फरीद, कारी अरमान, कारी असद, मशूद, इशरत अली, अब्दुल मतीन, विजेंद्र सिंह, इरफानुल हक, जावेद, हाजी नाजिम, मुकेश, राजेश सक्सेना, फाजिल सर, यासिर सर, अब्दुर रशीद खान, जफर आलम, अब्दु मुईद, हाफिज अंसारी, नाजिम फारूकी, सैय्यद आरिफ नजम, नूर खान, सलीम खान, मोहताशिम खान, मलक आसिफ खान, हाजी रईस, यासीन अंसारी, राजू बग्गा, विपिन यादव, डॉ. दूध राम वर्मा, प्रसून कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *