आज की ताजा खबर
करोड़ों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल से वंचित ग्रामीण; चार साल बाद भी अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं
Lucknow Cyber Fraud: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का खुलासा | UP News
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
सीएसजेएमयू में एआई आधारित ‘व्यासा’ की शुरुआत, शोध और शिक्षा को मिलेगी नई रफ्तार छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा डिजिटल सहायक प्रवेश, शोध और अकादमिक जानकारी तक आसान पहुंच का दावा
- दैनिक लोक भारती
- 05 Jun, 2026
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शिक्षा और शोध कार्यों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए एआई आधारित रिसर्च इंटेलिजेंस असिस्टेंट ‘व्यासा’ की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को शोध, अकादमिक गतिविधियों और विश्वविद्यालय से जुड़ी विभिन्न जानकारियां त्वरित रूप से उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार ‘व्यासा’ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक नॉलेज रिट्रीवल तकनीकों की मदद से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता शोध कार्य, प्रवेश प्रक्रिया, विश्वविद्यालय की अधिसूचनाएं, शैक्षणिक नियमों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकेंगे।
बताया गया कि शोधार्थियों को अपने शोध विषयों, अनुसंधान की दिशा, अकादमिक संसाधनों और विश्वविद्यालय की प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी। इससे आवश्यक सूचनाएं जुटाने में लगने वाला समय कम हो सकता है और शोध कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ सकेगा।
विश्वविद्यालय पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के CAM-AI प्रकोष्ठ द्वारा शोध, दस्तावेज विश्लेषण, डिजिटल आर्काइविंग और अकादमिक सहायता से जुड़े कई प्रोजेक्ट संचालित किए जा चुके हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ‘व्यासा’ छात्रों और शोधार्थियों के लिए एक उपयोगी डिजिटल संसाधन साबित होगा। इससे जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ शिक्षण और शोध गतिविधियों में तकनीक का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे तकनीकी हस्तक्षेप के बीच विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







