आज की ताजा खबर
करोड़ों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल से वंचित ग्रामीण; चार साल बाद भी अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं
Lucknow Cyber Fraud: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का खुलासा | UP News
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
नया पुल बनाने को टूटने लगे आशियाने, मुआवजा न मिलने पर फूटा लोगों का गुस्सा मिश्रा घाट क्षेत्र में मकान हटाने की कार्रवाई शुरू, प्रभावित परिवारों ने उठाए सवाल
- दैनिक लोक भारती
- 20 Jun, 2026
उन्नाव। शुक्लागंज में गंगा नदी पर प्रस्तावित नए पुल के निर्माण को लेकर प्रशासन ने मिश्रा घाट क्षेत्र में निर्माण की जद में आने वाले मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुआवजा न मिलने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई और प्रशासन से न्याय की मांग की।
शनिवार को मिश्रा घाट क्षेत्र में एक मकान को ध्वस्त किए जाने के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि मकान तोड़े जाने की कार्रवाई शुरू हो गई है, लेकिन उन्हें अब तक स्वीकृत मुआवजा नहीं मिला है।
मिश्रा घाट निवासी ललिता देवी ने बताया कि उनका मकान भी प्रस्तावित पुल परियोजना की सीमा में आ रहा है। उनका आरोप है कि क्षेत्र के कई लोगों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है, जबकि उनका मामला अब भी लंबित है। उन्होंने कहा कि उनके मकान से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और करीब पौने तीन लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत होने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि यदि मकान तोड़ दिए गए तो उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले मुआवजा देकर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, उसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं प्रशासन का कहना है कि परियोजना की जद में आने वाले मकानों और भूमि के लिए नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार गंगा पर बनने वाला नया पुल शुक्लागंज और आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा तथा लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
हालांकि विकास परियोजना को लेकर लोगों में उम्मीद है, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि समय पर और नियमानुसार मुआवजा मिलना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनका मानना है कि बिना उचित मुआवजे के विस्थापन की प्रक्रिया उनके लिए अतिरिक्त मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
पूरी खबर देखने के लिए नीचे क्लिक करे
उन्नाव में नया गंगा पुल बनने से पहले टूटने लगे मकान, मुआवजा न मिलने पर लोगों का फूटा गुस्सा
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







