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बीसलपुर में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, ढाबों व दुकानों से मुक्त कराए गए 6 बाल श्रमिक
- दैनिक लोक भारती
- 27 Jul, 2026
जिलाधिकारी के निर्देश पर चला रेस्क्यू अभियान, श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने संचालकों को दी 50 हजार जुर्माना व जेल की चेतावनी
बीसलपुर-पीलीभीत। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी के सहयोग से सोमवार को बीसलपुर क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन हेतु एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूरेलाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने क्षेत्र के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी कर 6 बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया।
अभियान के दौरान टीम ने बीसलपुर स्थित मेडिकल स्टोर, मैकेनिक शॉप, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कपड़े की दुकानों, किराना स्टोर तथा स्टील वर्क्स आदि प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। इस दौरान विभिन्न दुकानों व ढाबों पर काम करते पाए गए छह बाल श्रमिकों को अवमुक्त कराते हुए वर्चुअल माध्यम से बाल कल्याण समिति, पीलीभीत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति ने सभी बच्चों के परिजनों को बुलाकर कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में बच्चों से बाल श्रम न कराया जाए, जिसके बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूरे लाल ने बताया कि बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत किसी भी बच्चे से खतरनाक प्रक्रियाओं या व्यावसायिक स्थलों पर काम कराना गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों/दुकानदारों के विरुद्ध एक वर्ष तक की सजा या 50,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का वैधानिक प्रावधान है।
इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूरेलाल, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक निर्वान सिंह, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से कांस्टेबल अमित, महिला कांस्टेबल संध्या गहलोत तथा थाना बीसलपुर के उपनिरीक्षक व बाल कल्याण अधिकारी राम कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।
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