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म्यूल खातों का मायाजाल, 102 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

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47 बेट गेमिंग प्लेटफॉर्म और निवेश योजनाओं के जरिए साइबर ठगी का आरोप, 200 शिकायतों से जुड़े खाते खंगाले; दो गिरफ्तार, पांच लाख रुपये होल्ड

शोएब खान

पीलीभीत। ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किए जा रहे कथित बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े करीब 200 साइबर शिकायतों वाले बैंक खाते सामने आए हैं। इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का प्रारंभिक ब्योरा मिला है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 16 कूटरचित आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की हैं। संबंधित खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि भी होल्ड कराई गई है।

 पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जहानाबाद के मोहल्ला विलई निवासी मोहसिन पुत्र अमजद और बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के हरवंशपुर लक्ष्मनियापुर निवासी राहुल पुत्र मेघनाथ के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह 47 बेट गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए लोगों को रकम निवेश कर लाभ कमाने का लालच देता था। इसके बाद साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया जाता था।

 गरीबों को लालच देकर खुलवाते थे खाते

 जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य गरीब और सीधे-सादे लोगों को सरकारी योजना के तहत खाता खुलवाने या 10 हजार रुपये तक आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम समेत अन्य दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल कथित तौर पर म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था।

 तीन खातों में ही 100 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन

 पुलिस के प्रारंभिक बैंकिंग विश्लेषण में हारून के खाते से जुड़ी 85 साइबर शिकायतों में करीब 42.54 करोड़ रुपये, मोहसिन के खाते से जुड़ी 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल के खाते से जुड़ी 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवरण सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इन आंकड़ों का विस्तृत वित्तीय और तकनीकी सत्यापन किया जा रहा है। अन्य बैंक खातों से जुड़ी शिकायतों की भी जांच चल रही है।


 एक शिकायत से खुली परतें

 मामले की शुरुआत जहानाबाद क्षेत्र के गोनेरी दान गांव निवासी दानिश की शिकायत से हुई। पुलिस के अनुसार, दानिश ने आरोप लगाया था कि करीब एक वर्ष पहले लोन दिलाने के नाम पर मोइन और मोहसिन ने उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए थे। बाद में उसके नाम से बैंक खाते खुलवाकर एटीएम और चेकबुक अपने पास रख लिए गए। संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर उसने पुलिस से शिकायत की। 30 जुलाई 2026 को उसकी तहरीर पर थाना जहानाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था।

 जांच आगे बढ़ी तो कई अन्य स्थानीय लोगों ने भी इसी तरह उनके नाम पर खाते खुलवाकर बैंकिंग दस्तावेज अपने पास रखे जाने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, इन खातों में भी 50 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन का पता चला है।


 दो फरार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

 पुलिस के मुताबिक जांच में बरेली निवासी विशाल मौर्य और फरमान पुत्र अफसर खां की भूमिका भी सामने आई है। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल डाटा का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस अब मनी ट्रेल, अन्य म्यूल खातों, लाभार्थियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी है।

 इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई

 कार्रवाई करने वाली टीम में जहानाबाद  प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह, उपनिरीक्षक निशान्त कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अमर कुमार, उपनिरीक्षक देवेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल अंकुर (साइबर थाना), कांस्टेबल शिवाधर, सत्यजीत, चिराग बालियान, अमित कुमार, रोहित कुमार, प्रशांत, आतिफ और मनोज शामिल रहे।

 

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