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तहसील परिसर का सार्वजनिक शौचालय बदहाल, पानी के अभाव और गंदगी से अधिवक्ता, किसान व फरियादी परेशान
- दैनिक लोक भारती
- 26 Jun, 2026
कालपी (जालौन)। कालपी तहसील परिषद परिसर में नगर पालिका परिषद कालपी द्वारा निर्माण वर्ष 2022-23 में निर्मित सार्वजनिक शौचालय रखरखाव के अभाव में बदहाली का शिकार हो गया है। तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, किसान, वादकारी, फरियादी, राजस्व कर्मचारी तथा विभिन्न सरकारी कार्यों से आने वाले नागरिकों का आवागमन रहता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर बने सार्वजनिक शौचालय की दयनीय स्थिति लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।
बताया जाता है कि शौचालय के अंदर लगी लेट्रिन सीटें टूटी-फूटी पड़ी हैं, जिससे उनका उपयोग करना कठिन हो गया है। वहीं परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नियमित साफ-सफाई के अभाव में दुर्गंध फैल रही है, जिससे शौचालय का उपयोग करने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या पानी की अनुपलब्धता है। शौचालय में फ्लश के लिए पानी उपलब्ध नहीं रहता तथा हाथ धोने के लिए लगाए गए वॉश बेसिन में भी पानी नहीं आता। ऐसे में स्वच्छता के मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। बिना पानी के शौचालय का उपयोग करना लोगों के लिए मजबूरी और परेशानी दोनों बन गया है। तहसील परिसर में प्रतिदिन दूर-दराज गांवों से आने वाले किसान, अधिवक्ता, महिलाओं, बुजुर्गों एवं आम नागरिकों को इस सार्वजनिक शौचालय का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन बदहाल व्यवस्था के कारण लोग मजबूर होकर दूसरी जगह शौचालय तलाशते हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन नगर पालिका परिषद कालपी द्वारा निर्मित इस सार्वजनिक शौचालय का समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। निर्माण के मात्र तीन वर्षों के भीतर शौचालय की यह स्थिति कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। नगरवासियों, अधिवक्ताओं एवं किसानों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद कालपी से मांग की है कि शौचालय की तत्काल मरम्मत कराकर टूटी सीटों को बदला जाए, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा पानी एवं वॉश बेसिन की व्यवस्था तत्काल सुचारु कराई जाए, ताकि तहसील परिसर में आने वाले हजारों लोगों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधा मिल सके।
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