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काग़ज़ों पर निरस्त, ज़मीन पर मस्त: बाबू की कृपा से बिना मान्यता फल-फूल रहा अवैध मदरसा
- दैनिक लोक भारती
- 23 Jul, 2026
पीलीभीत। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग इन दिनों चमत्कारों का केंद्र बना हुआ है। यहाँ सरकारी आदेश केवल फाइलों में दम तोड़ते हैं, और ज़मीन पर बाबू जी की मेहरबानी का सिक्का चलता है। ताजा मामला तहसील बीसलपुर का है, जहाँ स्थान परिवर्तन की अनुमति निरस्त होने के महीनों बाद भी मदरसा यादगारे इस्लाम खाँ ग्राम मुसेली मुस्तकिल में ठाठ से संचालित हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक आदेशों को धता बताकर चलाए जा रहे इस अवैध खेल के पीछे विभाग के ही एक 'खास' बाबू की गजब की सांठगांठ है। साहब की मेहरबानी ऐसी कि नियम-कानून ताक पर हैं और बच्चों के भविष्य से बेखौफ खिलवाड़ जारी है।
मामले का भंडाफोड़ बरेली के मुशीनगर निवासी मोहम्मद सैफ खान की शिकायत से हुआ। मूल रूप से ग्राम मीरपुर वाहनपुर के लिए अस्थायी मान्यता प्राप्त इस मदरसे में अनियमितताओं के चलते तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने पत्र संख्या 202/2026-27 के तहत स्थान परिवर्तन की अनुमति निरस्त कर दी थी।
लेकिन विभाग के 'तारणहार' बाबू के वरदहस्त के चलते कागजी निरस्तीकरण के बाद भी मुसेली मुस्तकिल में मदरसे का ताला तक नहीं लटका।
अब मामला सीधे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की चौखट तक पहुँच गया, तो साहबों की नींद उड़ी है। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष बीसलपुर को मामले की तत्काल जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक चाबुक से अवैध संचालन बंद होता है या बाबू का यह खास खेल आगे भी बदस्तूर जारी रहता है।
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